अटल चुनौती अखिल विश्व को, भला-बुरा चाहे जो माने,
डटे हुए हैं राष्ट्रधर्म पर विपदाओं में सीना ताने ॥ध्रु॥

लाख-लाख पीढ़ियाँ लगीं तब हमने यह संस्कृति उपजाई,
कोटि-कोटि सिर चढ़े तभी इसकी रक्षा संभव हो पाई ।
हैं असंख्य तैयार स्वयं मिट इसका जीवन अमर बनाने,
डटे हुए हैं राष्ट्रधर्म पर विपदाओं में सीना ताने ॥१॥

देवों की है स्फूर्ति ह्रदय में आदरयुक्त पुरखों का चिंतन,
परम्परा अनुपम वीरों की चरम साधकों के चिर साधन ।
पीड़ित शोषित दुखित बान्धवों के हमको हैं कष्ट मिटाने,
डटे हुए हैं राष्ट्रधर्म पर विपदाओं में सीना ताने ॥२॥

नहीं विधाता नई सृष्टि के सीधी सच्ची स्पष्ट कहानी,
प्रेम कवच है त्याग अस्त्र है लगन धार आहुति है वाणी ।
सभी सुखी हों यही स्वप्न है मरकर भी यह सत्य बनाने,
डटे हुए हैं राष्ट्रधर्म पर विपदाओं में सीना ताने ॥३॥

नहीं विरोधक रोक सकेंगे निंदक होवेंगे अनुगामी,
जन-जन इसकी वृद्धि करेगा इसकी गति न थमेगी थामी ।
बस इसकी हुंकार मात्र से दुष्ट लगेंगे आप ठिकाने,
जुटे हुए हैं इसीलिए हम राष्ट्रधर्म को अमर बनाने ॥४॥

aṭala cunautī akhila viśva ko bhalā-burā cāhe jo māne
ḍaṭe hue haiṁ rāṣṭradharma para vipadāoṁ meṁ sīnā tāne ||dhru||

lākha-lākha pīṛhiyā lagīṁ taba hamane yaha saṁskṛti upajāī
koṭi-koṭi sira caṛhe tabhī isakī rakṣā saṁbhava ho pāī |
haiṁ asaṁkhya taiyāra svayaṁ miṭa isakā jīvana amara banāne
ḍaṭe hue haiṁ rāṣṭradharma para vipadāoṁ meṁ sīnā tāne ||1||

devoṁ kī hai sphūrti hradaya meṁ ādarayukta purakhoṁ kā ciṁtana
paramparā anupama vīroṁ kī carama sādhakoṁ ke cira sādhana |
pīṛita śoṣita dukhita bāndhavoṁ ke hamako haiṁ kaṣṭa miṭāne
ḍaṭe hue haiṁ rāṣṭradharma para vipadāoṁ meṁ sīnā tāne ||2||

nahīṁ vidhātā naī sṛṣṭi ke sīdhī saccī spaṣṭa kahānī
prema kavaca hai tyāga astra hai lagana dhāra āhuti hai vāṇī |
sabhī sukhī hoṁ yahī svapna hai marakara bhī yaha satya banāne
ḍaṭe hue haiṁ rāṣṭradharma para vipadāoṁ meṁ sīnā tāne ||3||

nahīṁ virodhaka roka sakeṁge niṁdaka hoveṁge anugāmī
jana-jana isakī vṛddhi karegā isakī gati na thamegī thāmī |
basa isakī huṁkāra mātra se duṣṭa lageṁge āpa ṭhikāne
juṭe hue haiṁ isīlie hama rāṣṭradharma ko amara banāne ||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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