एक राष्ट्र का चिंतन मन में
कोटि कोटि जनता की जय हो
भारत जननी एक ह्रदय हो

स्नेह सिक्त मानस की वाणी
गूंजे गिरा यही कल्याणी
चिर उदार भारत की संस्कृति
सदा अभय हो सदा अजय हो
भारत जननी एक ह्रदय हो

मिटे विषमता सरसे समता
रहे मूल में मीठी ममता
तमस कालिमा को विदीर्ण कर
जन-जन का पथ ज्योतिर्मय हो
भारत जननी एक ह्रदय हो

एक धर्म भाषा विभिन्न स्वर
एक राग अन्तर में सजकर
झंकृत करे ह्रदय तन्त्री को
स्नेह भाव प्राणों में लय हो
भारत जननी एक ह्रदय हो

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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