देवता तुम राष्ट्र के क्या भेंट चरणों में चढाऊँ

हम अभी तक सो रहे थे
आत्म गौरव खो रहे थे
बन किरण तुमने जगाया क्या सुमन सा खिल न जाऊँ ॥१॥

आत्मबल तुमने जगाया
प्राण का कल्मष भगाया
ज्योतिमय किस ज्योति से मैं आरती अपनी सजाऊँ ॥२॥

पा तुम्हारे ही इशारे
बढ रहे हैं पग हमारे
दो हमें बल युग-चरण में चरण-द्वय अपने बढाऊँ॥३॥

नयन मन जीवन हमारे
हो चुके कब के तुम्हारे
तन समर्पित मन समर्पित मैं कहो क्या भेंट लाऊँ ॥४॥

मातृ-मन्दिर आज जगमग
जागरण का पर्व पग-पग
वन्दना के गीत गाओ मैं उसी में स्वर मिलाऊँ ॥५॥

ले चलो जयमाल तुम जब
गूँथ लो उसमें मुझे तब
माँ चरण में शरण पाकर आमरण मंगल मनाऊँ ॥६॥

devatā tuma rāṣṭra ke kyā bheṁṭa caraṇoṁ meṁ caḍhāū

hama abhī taka so rahe the
ātma gaurava kho rahe the
bana kiraṇa tumane jagāyā kyā sumana sā khila na jāū ||1||

ātmabala tumane jagāyā
prāṇa kā kalmaṣa bhagāyā
jyotimaya kisa jyoti se maiṁ āratī apanī sajāū ||2||

pā tumhāre hī iśāre
baḍha rahe haiṁ paga hamāre
do hameṁ bala yuga-caraṇa meṁ caraṇa-dvaya apane baḍhāū ||3||

nayana mana jīvana hamāre
ho cuke kaba ke tumhāre
tana samarpita mana samarpita maiṁ kaho kyā bheṁṭa lāū ||4||

mātṛ-mandira āja jagamaga
jāgaraṇa kā parva paga-paga
vandanā ke gīta gāo maiṁ usī meṁ svara milāū ||5||

le calo jayamāla tuma jaba
gūtha lo usameṁ mujhe taba
mā caraṇa meṁ śaraṇa pākara āmaraṇa maṁgala manāū ||6||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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