गुरू ग्रह के मंत्र || Guru Grah Ke Mantra || Guru Grah Ke Tantrik Mantra

गुरू वैदिक मंत्र || Guru Grah Ke Vedic Mantra
“ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु ।

यद्दीदयच्दवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्”।।गुरू तांत्रिक मंत्र ||
Guru Grah Ke Tantrik Mantra

“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः”।गुरू एकाक्षरी बीज मंत्र ||
Guru Grah Ke Beej Mantra

“ॐ बृं बृहस्पतये नम:” ।।
“ऊं गुं गुरुवाये नम:” ।।गुरू का पौराणिक मंत्र ||
Guru Grah Ke Poranik Mantra

“ॐ देवानां च ऋषीणां च गुरु कांचन संन्निभम्। बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्” ।।

गुरू के अन्य मंत्र : Guru Grah Ke Mantra

“ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:॥”
“ॐ गुं गुरवे नम:॥”
“ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:॥”
“ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नमः
॥”गुरू गायत्री मंत्र || Guru Grah Ka Gayatri Mantra

“ॐ अंगिरो जाताय विद्महे वाचस्पतये धीमहि तन्नो गुरु प्रचोदयात्” ।।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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