हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयंप्रभा समुज्वला स्वतंत्रता पुकारती
अमर्त्य वीर पुत्र हो दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो
प्रशस्त पुण्य पंथ हैं – बढ़े चलो बढ़े चलो ॥

असंख्य कीर्ति-रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी
सपूत मातृभूमि के रुको न शूर साहसी
अराति सैन्य सिंधु में सुबाड़वाग्नि से जलो
प्रवीर हो जयी बनो – बढ़े चलो बढ़े चलो

himādri tuṁga śrṛṁga se prabuddha śuddha bhāratī
svayaṁprabhā samujvalā svataṁtratā pukāratī
amartya vīra putra ho dṛṛha-pratijña soca lo
praśasta puṇya paṁtha haiṁ – baṛhe calo baṛhe calo ||

asaṁkhya kīrti-raśmiyā vikīrṇa divya dāha-sī
sapūta mātṛbhūmi ke ruko na śūra sāhasī
arāti sainya siṁdhu meṁ subāṛavāgni se jalo
pravīra ho jayī bano – baṛhe calo baṛhe calo

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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