जननी ज्ञान दे आत्मभान दे
तेरी नित रहे तान वही गान दे।

तन में बल मन निश्चल
सगुण सकल यत्न सफल
अटल सुदृढ़ निश्चय दे पुण्य प्राण दे॥१॥

स्वाभिमान हम न तजें
तदपि निरभिमान रहें
त्याग तप सहिष्णुता बलिदान ज्ञान दे॥२॥

भाव दीजिये गंभीर
बने सकल धीर वीर
तेरी अनुरक्ति भक्ति विमल ध्यान दे॥३॥

चरणों में शीश धरें
मन में नित ध्यान करें
तेरे हित जियें मरें विजय दान दे॥४॥

jananī jñāna de ātmabhāna de
terī nita rahe tāna vahī gāna de|

tana meṁ bala mana niścala
saguṇa sakala yatna saphala
aṭala sudṛṛha niścaya de puṇya prāṇa de||1||

svābhimāna hama na tajeṁ
tadapi nirabhimāna raheṁ
tyāga tapa sahiṣṇutā balidāna jñāna de||2||

bhāva dījiye gaṁbhīra
bane sakala dhīra vīra
terī anurakti bhakti vimala dhyāna de||3||

caraṇoṁ meṁ śīśa dhareṁ
mana meṁ nita dhyāna kareṁ
tere hita jiyeṁ mareṁ vijaya dāna de||4||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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