जीवन में कुछ करना है तो , मन को मारे मत बैठो।

आगे – आगे चलना है तो , हिम्मत हारे मत बैठो। २

चलने वाला मंजिल पाता , बैठा पीछे रह जाता है।

ठहरा पानी सड़ने लगता , बहता निरमा रहता है।

पांव मिले चलने की खातिर , पांव पसारे मत बैठो।

आगे – आगे चलना है तो , हिम्मत हारे मत बैठो। ।

तेज दौड़नेवाला खरहा , दो पल चलकर बैठ गया

धीरे – धीरे चलकर कछुआ , देखो बाज़ी मार गया।

चलो कदम से कदम मिलकर , दूर किनारे मत बैठो।

आगे – आगे चलना है तो , हिम्मत हारे मत बैठो। ।

धरती चलती टारे चलते , चाँद रात भर चलता है।

किरणों का उपहार बांटने , सूरज रोज निकलता है

हवा चले महक बिखरे , तुम भी प्यारे बन महको।

आगे – आगे चलना है तो , हिम्मत हारे मत बैठो। ।

जीवन में कुछ करना है तो , मन को मारे मत बैठो।

आगे – आगे चलना है तो , हिम्मत हारे मत बैठो।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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