कृष्णा कृष्णा आए कृष्णा, जगमग हुआ रे अंगना।
चाँद सूरज सितारे, झुके चरणों में सारे,
आज झूम झूम गाए यमुना॥

नयन चाहिए राधा जी के, मीरा का मन मतवाला,
कण कण में फिर नन्द का लाला, हो जो देखने वाला।

माँगना क्या इस द्वार पे आकर आँचल क्या फैलाना,
तेरे मन में क्या है, उसने बिन मांगे सब जाना।

अंत में सत्य की जीत हुई है, झूठ हमेशा हारा,
चक्र उठा के हाथ में तुने, बदली समय की धारा।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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