ममतामयि माँ ! ममतामयि माँ तव चरणों पर-
शत कोटि हृदय के फुल्ल सुमन
ले रुप-गन्ध-रस न्यौछावर तव चरणों पर
॥ममतामयि॥

चिन्ता के अन्तर सिंघड़-सिंघड़
भावों के जलधर घुमड़-घुमड़
मुक्तावलि मुक्त-गगन से झड़
छंदों में बंधकर बनें मुखर-तव चरणों पर
॥ममतामयि॥

नयनों का जल रोमांचित तन
गद्गद् वाणी आनन्दित मन
अक्षत-निष्ठा लौ सम जीवन
हों भक्ति-मगन सुमनों के स्वर-तव चरणों पर
॥ममतामयि॥

निर्मल धारा पा सरल तन्त्र
जय मातृ भक्ति का महामन्त्र
चलता जाये चिर-प्रगति यन्त्र-
पूरित युग-युग की साध अमर तव चरणों पर
शत कोटि हृदय के फुल्ल सुमन ले रुप-गन्ध-रस न्यौछावर
तव चरणों पर ॥ममतामयि माँ ॥

mamatāmayi mā mamatāmayi mā tava caraṇoṁ para-
śata koṭi hṛdaya ke phulla sumana
le rupa-gandha-rasa nyauchāvara tava caraṇoṁ para
|ṁamatāmayi ||

cintā ke antara siṁghaṛa-siṁghaṛa
bhāvoṁ ke jaladhara ghumaṛa-ghumaṛa
muktāvali mukta-gagana se jhaṛa
chaṁdoṁ meṁ baṁdhakara baneṁ mukhara-tava caraṇoṁ para
|ṁamatāmayi ||

nayanoṁ kā jala romāṁcita tana
gadgad vāṇī ānandita mana
akṣata-niṣṭhā lau sama jīvana
hoṁ bhakti-magana sumanoṁ ke svara-tava caraṇoṁ para
|ṁamatāmayi ||

nirmala dhārā pā sarala tantra
jaya mātṛ bhakti kā mahāmantra
calatā jāye cira-pragati yantra-
pūrita yuga-yuga kī sādha amara tava caraṇoṁ para
śata koṭi hṛdaya ke phulla sumana le rupa-gandha-rasa nyauchāavara
tava caraṇoṁ para
|ṁamatāmayi mā ||

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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