मेरे डमरू वाले बाबा तेरे द्ववार पे आया हु

मेरे देवा महादेवा तेरे द्वार पे आया हु

तुझको नहलाने को गंगा जल लाया हु
मेरे डमरू वाले बाबा तेरे द्ववार पे आया हु

तेरे संग नाचुगा मैं तेरे संग गाऊगा,
सवान महीने में कावड उठाऊ गा
तुझे बेट चडाने को फल फूल भी लाया हु
मेरे डमरू वाले बाबा तेरे द्ववार पे आया हु

ऐसा क्या काम करू मैं तेरी भगती मिल जाए
तेरे चरणों में रह के ये जिन्दगी खिल जाए
तुझे तिलक लगाने को चन्दन भी लाया हु
मेरे डमरू वाले बाबा तेरे द्ववार पे आया हु

तेरे जैसा भोला भाला देव न दूजा है,
सब नर नारी बाबा करे तेरी पूजा है
मैं राजन मोर को अपने संग में आया हु
मेरे डमरू वाले बाबा तेरे द्ववार पे आया हु

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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