मिले हो मुझे प्रभु,

पार्श्वनाथ प्रभु मेरे,
पार्श्वनाथ प्रभु,
पार्श्वनाथ प्रभु मेरे,
पार्श्वनाथ प्रभु,
मिले हों मुझे प्रभु,
बड़े नसीबो से,
है पाया मैंने तुझे,
पिछले शुभ कर्मों से,
तेरी ही भक्ति से,
मन ये खिला है,
सदा रखना तू,
चरणों में मुझे,
मिलें हो मुझें प्रभु,
बड़े नसीबो से,
है पाया मैंने तुझे,
पिछले शुभ कर्मों से।।

तर्ज – मिले हो तुम हमको।

तेरी बात बाबा जरा हटके है,
तुझे पाने लख चौरासी भटके है,
जिंदगी में मेरी बाबा,
जो भी कमी थी,
तेरे दर पे आ जाने से नही रही,
मिलें हो मुझें प्रभु,
बड़े नसीबो से,
है पाया मैंने तुझे,
पिछले शुभ कर्मों से।।

चरणों मे तेरी तो बाबा जन्नत है,
तेरी पूजा भक्ति करना अमृत है,
तेरी शरण में बाबा जबसे मैं आया,
बिना मांगे ही मैंने सब पाया,
सदा ही मिलना तुम,
मेरे प्रभु बनके,
है पाया मैंने तुझे,
पिछले शुभ कर्मों से।।

पार्श्वनाथ प्रभु मेरे,
पार्श्वनाथ प्रभु,
पार्श्वनाथ प्रभु मेरे,
पार्श्वनाथ प्रभु,
मिले हो मुझे प्रभु,
बड़े नसीबो से,
है पाया मैंने तुझे,
पिछले शुभ कर्मों से,
तेरी ही भक्ति से,
मन ये खिला है,
सदा रखना तू,
चरणों में मुझे,
मिलें हो मुझें प्रभु,
बड़े नसीबो से,
है पाया मैंने तुझे,
पिछले शुभ कर्मों से।।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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