मुरली फुटरी बजाई रे नंदलला

नंद जी के लाला मैं फेरू थारी माला

थारा मुरली की आवाज़ मैं तो बागा मै सुनी
फुलडा तोड़ ता छोड़ आई रे नंदलाला

थारा मुरली की आवाज़ म्हे तो पनघट मै सुनी
पानी भरता छोड़ आई रे नंदलाला

थारा मुरली की आवाज़ म्हे तो रसोडा मै सुनी
फ़लका पोवता छोड़ आई रे नंदलाला

थारा मुरली की आवाज़ म्हे तो मंदिर मै सुनी
म्हे तो दौड़ी दौड़ी आई रे नंदलाला

थारा मुरली की आवाज़ म्हे तो महलामे मै सुनी
साजन सुवता छोड़ आई रे नंदलाला

नंदलाला जी म्हारा सावरिया
सावरिया मैं तेरी बावरिया

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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