पाठयेम संस्कृतं जगति सर्वमानवान् ।
प्रापयेम भारतं सपदि परमवैभवम् ॥

व्यक्तियोजकत्वमेव नायकत्वलक्षणम्
धर्मसेवकत्वमेव शास्त्रतत्त्वचिन्तनम्
स्नेह-शक्ति-शील-शौर्य-देशभक्ति-भूषितम्
साधयेम शीघ्रमेव कार्यकर्तृमण्डलम् ॥

हिन्दुबन्धुमेलनेन सर्वदोषनाशनम्
उच्चनीचजातिराज्य-भेदभाववारणम्
सामरस्यरक्षणेन शान्तिपूर्णजीवनम्
कालयोग्यमेतदेव मोक्षदायिदर्शनम् ॥

जीवनस्य कार्यमेव राष्ट्रकर्मसाधना
सङ्घशक्तिवर्धनाय दिव्यभव्ययोजना
व्यक्तिरस्तु वर्तिकेति मामकीनभावना
साधितास्तु माधवस्य विश्वविजयकामना ॥

 

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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