श्री लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली || Shri Laxmi Ashtottara Shatanamavali
ऊँ श्री अव्ययायै नम:
ऊँ श्री अच्युतायै नम:
ऊँ श्री अंशुभालिन्यै नम:
ऊँ श्री अपर्णायै नम:
ऊँ श्री अमृतावहायै नम:
ऊँ श्री अनुमत्यै नम:

ऊँ श्री आदित्यवर्णायै नम:
ऊँ श्री अरुणावत्यै नम:
ऊँ श्री कष्टगम्यायै नम:
ऊँ श्री कलंकरहितायै नम:
ऊँ श्री कलावत्यै नम:
ऊँ श्री कामधेन्यै नम:
ऊँ श्री गम्भीरायै नम:
ऊँ श्री गरुडासनायै नम:
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ऊँ श्री जगतप्रियायै नम:
ऊँ श्री धन्येशवर्यै नम:
ऊँ श्री घोरदुर्गति नाशिन्यै नम:
ऊँ श्री दैत्य दानव मर्दिन्यै नम:
ऊँ श्री खगवाहनायै नम:
ऊँ श्री जगतप्रियायै नम:
ऊँ श्री दारिद्रदु:ख शमन्यै नम:
ऊँ श्री त्रिगुणायै नम:
ऊँ श्री त्रीलोक्य सुन्दर्ये नम:
ऊँ श्री त्रेलोक्य होहियै नम:
ऊँ श्री दयामत्ये नम:
ऊँ श्री धर्मकामार्थमोक्षदायै नम:

ऊँ श्री धनदायै नम:
ऊँ श्री धनलक्ष्मीनायै नम:
ऊँ श्री पावनायै नम:
ऊँ श्री प्राणदायै नम:
ऊँ श्री पद्मायै नम:
ऊँ श्री प्रकृत्यै नम:
ऊँ श्री परमानन्दरुपिण्यै नम:
ऊँ श्री पावन्यै नम:
ऊँ श्री प्रत्यक्ष लक्ष्म्यै नम:

ऊँ श्री पदममाला विभूषितायै नम:
ऊँ श्री ब्रह्माण्डवासिन्यै नम:
ऊँ श्री भक्त वत्सलायै नम:
ऊँ श्री भयनाशनायै नम:
ऊँ श्री नित्यशुद्धायै नम:
ऊँ श्री निरामयायै नम:
ऊँ श्री नीरजायै नम:
ऊँ श्री नित्यपुष्टायै नम:
ऊँ श्री ब्रह्मवान्दितायै नम:

ऊँ श्री धनुर्लक्ष्मैये नम:
ऊँ श्री पुष्टिकर्यै नम:
ऊँ श्री महाविभव भूषणायै नम:
ऊँ श्री माधवप्रियायै नम:
ऊँ श्री मातृकायै नम:
ऊँ श्री वीरेश्वरायै नम:
ऊँ श्री ब्र्ह्मसहितायै नम:
ऊँ श्री मधुमत्यै नम:

ऊँ श्री मूल प्रकृत्यै नम:
ऊँ श्री भानुमत्यै नम:
ऊँ श्री सर्वास्त्र सुधारिणै नम:
ऊँ श्री सुरसुन्दयै नम:
ऊँ श्री चारूहासिने नम:
ऊँ श्री हिमशैलेन्द्र संकायै नम:
ऊँ श्री गजेन्द्र वाहनायै नम:
ऊँ श्री संर्वांगयोन्यै नम:
ऊँ श्री सम्प्रधानेर्श्वे नम:
ऊँ श्री विष्णुवक्ष:स्थल गतायै नम:

ऊँ श्री वास्तुदेवतायै नम:
ऊँ श्री मणिभूषायै नम:
ऊँ श्री रसनाप्राण दायित्ये नम:
ऊँ श्री तेजो लक्ष्म्यै नम:
ऊँ श्री सुखोदयायै नम:
ऊँ श्री सौम्य रुपायै नम:
ऊँ श्री स्वार्थ साधनकर्ये नम:
ऊँ श्री संपूर्ण मण्डलायै नम:

ऊँ श्री शंख भ्रदासन स्थितायै नम:
ऊँ श्री सिद्ध सेवितायै नम:
ऊँ श्री हिरण्यगर्भायै नम:
ऊँ श्री सर्वमंगल मांगल्यै नम:
ऊँ श्री सत्य संकलपायै नम:
ऊँ श्री शुभाकारायै नम:
ऊँ श्री सुरेन्द्र नीमतायै नम:
ऊँ श्री सुदुर्लभायै नम:

ऊँ श्री शुभमंगलायै नम:
ऊँ श्री व्योम मध्यस्थायै नम:
ऊँ श्री वसुमत्यै नम:
ऊँ श्री विजयायै नम:
ऊँ श्री वागीष्वर्ये नम:
ऊँ श्री विश्वरूपायै नम:
ऊँ श्री व्योमवारिण्यै नम:
ऊँ श्री विष्णु बल्लभायै नम:
ऊँ श्री विंध्यवासिन्यै नम:
ऊँ श्री सर्वमंगलायै नम:
ऊँ श्री सर्वकामप्रदायै नम:
ऊँ श्री सुवर्ण कमलासनायै नम:
ऊँ श्री सुखसौभाग्य सिद्धिदायै नम:
ऊँ श्री सर्वाभिलाष पूर्णेच्छायै नम:

ऊँ श्री शुद्धायै नम:
ऊँ श्री सर्वव्यापिने नम:
ऊँ श्री सनातनयै नम:
ऊँ श्री स्वरुपायै नम:
ऊँ श्री स्वर्गायै नम:
ऊँ श्री शाश्वत्यै नम:
ऊँ श्री सुप्रतिष्ठायै नम:
ऊँ श्री सर्वभूत महेश्वरये नम:

ऊँ श्री स्मपूर्णा नम:
ऊँ श्री सुरासुर वर प्रदायै नम:
ऊँ श्री यशस्कर्ये नम:
ऊँ श्री योगंमायायै नम:
ऊँ श्री योगश्वरप्रियायै नम:
ऊँ श्री सर्वतो भद्रायै नम:
ऊँ श्री सौम्यायै नम:
ऊँ श्री शुक्लांबरा नम:

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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