राम नाम में कहा जाता है करोड़ों पाप को नाश करने की शक्ति है अतः श्रीरामनामस्तुतिः का पाठ करें-

श्रीरामनामस्तुतिः

राशब्दोच्चारणादेव मुखान्निर्यान्ति पातकाः ।

पुनः प्रवेशनभियामशब्दस्तु कवाटवत् ॥ १॥

रामेति वर्णद्वयमादरेण सदा

स्मरन् मुक्तिमुपैति जन्तुः ।

कलौ युगे कल्मषमानसाना-

मन्यत्र धर्मे खलु नाधिकारः ॥ २॥

जानाति राम तव नामरुचिं महेशो

जानाति गौतमसती चरणप्रभावम् ।

जानाति दोर्बलपराक्रममीशचापो

जानात्यमोघपटुबाणगतिं पयोधिः ॥ ३॥

जानाति राम तव चित्तगतिं हनूमान्

जानाति राम तव सख्यगतिं कपीशः ।

जानाति राम तव युद्धगतिं दशास्यो

जानाति राम तव मोक्षगतिं गजेन्द्रः (खगेन्द्रः) ॥ ४॥

पटुतरजलधीरध्वानमादाय चापं

पवनजवनमेकं बाणमाकृष्य तूणात् ।

अभयवचनदायी सानुजः सर्वतो मे

रणहतदनुजेन्द्रो रामचन्द्रः सहायः ॥ ५॥

(खगेन्द्रः जटायुरित्यर्थः)

इति श्रीरामनामस्तुतिः सम्पूर्णा ।

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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