माँ भुवनेश्वरी स्तोत्र || Maa Bhuvaneshwari Stotram
अष्टसिद्धिरालक्ष्मी अरुणाबहुरुपिणि

त्रिशूल भुक्कुरादेवी पाशाकुशविदारिणी ॥१

खड्गखेटधरादेवी घण्टनि चक्रधारिणी

षोडशी त्रिपुरादेवी त्रिरेखा परमेश्वरी ॥२

कौमारी पिंगलाचैव वारीनी जगामोहिनी

दुर्गदेवी त्रिगंधाच नमस्ते शिवनायक ॥३

एवंचाष्टशतनामंच श्लाके त्रिनयभावितं

भक्तये पठेन्नित्यं दारिद्रयं नास्ति निश्चितं ॥४

एकः काले पठेन्नित्यं धनधान्य समाकुलं

द्विकालेयः पठेन्नित्यं सर्व शत्रुविनाशानं ॥५

त्रिकालेयः पठेन्नित्यं सर्व रोग हरम परं

चतुःकाले पठेन्नित्यं प्रसन्नं भुवनेश्वरी ॥६

इति श्री रुद्रयावले ईश्वरपार्वति संवादे

॥ श्री भुवनेश्वरी स्तोत्र संपूर्णं ॥

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

🙏 सकारात्मक जानकारी को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें 👇

Leave a Reply