योग सही तरह से जीने का विज्ञान है और इस लिए इसे दैनिक जीवन में शामिल किया जाना चाहिए। यह हमारे जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और आध्यात्मिक, आदि सभी पहलुओं पर काम करता है। योग का अर्थ एकता या बांधना है। इस शब्द की जड़ है संस्कृत शब्द युज, जिसका मतलब है जुड़ना। आध्यात्मिक स्तर पर इस जुड़ने का अर्थ है सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना का एक होना। व्यावहारिक स्तर पर, योग शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करने और तालमेल बनाने का एक साधन है। यह योग या एकता आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बँध, षट्कर्म और ध्यान के अभ्यास के माध्यम से प्राप्त होती है। तो योग जीने का एक तरीका भी है और अपने आप में परम उद्देश्य भी।

  1. अच्छा मूड : जीवन में आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने के लिए आपके स्वभाव का अच्छा और सकारात्मक रहना जरूरी है। इस काम में योग आपकी मदद करता है। यकीन मानिए, जब आप योग करते हैं, तो आप अंदर से पूरी तरह सकारात्मक ऊर्जा से भर जाते हैं। इससे आपका मूड अच्छा होता है और दिनभर काम में मन लगा रहता है।
  2. तनाव कम : तनाव हर किसी के लिए नुकसानदायक है। जो व्यक्ति तनाव में होता है, उसके लिए सामान्य जिंदगी जीना मुश्किल हो जाता है। तनाव से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता योग है। जब आप योग करेंगे, तो नई ऊर्जा से भर जाएंगे। इससे तनाव का कम होना स्वाभाविक है।
  3. चिंता से छुटकारा : कहा जाता है चिंता चिता की जननी है। जो चिंता में डूबा उसका तनाव में जाना तय है। चिंता के कारण ह्रदय संबंधी बीमारियां तक हो सकती हैं। अगर आप भी ज्यादा चिंता में डूबे रहते हैं, तो आज से ही योग का सहारा लेना शुरू कर दें। योग से न सिर्फ आप मानसिक रूप से तमाम तरह के विकारों व नकारात्मक सोच से उबर पाएंगे, बल्कि जीवन को फिर से जीने और तमाम दुविधाओं का सामना करने की क्षमता पैदा हो जाएगी। विचलित मन शांत होता है और परम आनंद का सुख मिलता है।
  4. दबाव का मुकाबला : कई बार ऑफिस और घर का काम इतना ज्यादा हो जाता है कि कोई भी मानसिक दबाव में आ सकता है। ऐसा अक्सर महिलाओं के साथ होता है। इस अवस्था में उनके लिए विभिन्न कामों के बीच संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। इससे बचने का एकमात्र उत्तम जरिया योग है। योग आपको हर तरह की स्थिति और दबाव से बाहर निकलने की शक्ति देता है। आप अंदर से प्रसन्न महसूस करेंगे।
  5. निर्णय लेने की क्षमता : योग आपको मानसिक रूप से इस कदर मजबूत बनाता है कि आप जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम हो जाते हो। साथ ही विपरीत हालत में स्वयं को कैसे संतुलित बनाए रखना है।
  6. एकाग्रता : नियमित रूप से योग करते रहने से आप इतने सक्षम हो जाते हैं कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकाग्रचित होकर काम करने लगते हो। इस दौरान मार्ग में आने वाली तमाम बाधाओं को भी आसानी से पार किया जा सकता है। वैसे भी कहा जाता है कि सफलता का मूल मंत्र काम के प्रति एकाग्रता है।
  7. अच्छी याददाश्त : योग के जरिए मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर भी असर होता है। खासकर, छात्रों के लिए यह बेहद जरूरी है। परीक्षा के दौरान अपने मस्तिष्क को शांत रखना और बेहतर बनाना जरूरी है, ताकि वो जो भी पढ़ रहे हैं, उन्हें अच्छी तरह याद रहे।
  8. बारीकियों पर नजर : अक्सर आप स्कूल, कॉलेज या फिर ऑफिस में ऐसे प्रोग्राम में जाते होंगे, जिनमें किसी विषय के बारे में विस्तार से बताया जाता है और यह आपके लिए जरूरी भी होता है। इस तरह के माहौल में अमूमन होता यह है कि आप कुछ समय तो एक्टिव रहते हैं, लेकिन धीरे-धीरे आपका ध्यान किसी और तरफ चला जाता है। इस प्रकार आप जरूरी बातों पर ध्यान नहीं दे पाते, लेकिन योग करने वाला व्यक्ति हर समय एक्टिव रहता है। वह हर बारीक से बारीक चीजों पर भी ध्यान रखता है।
  9. जीवन में सकारात्मक विचार : योग करना हमेशा ऊर्जावान रहता है। जीवन को लेकर उसके विचार सकारात्मक होते हैं। वह जीवन को हर दिन नई ऊर्जा व जोश के साथ जीना पसंद करता है। वह जीवनभर ‘खुश रहो और दूसरों को खुश रखो’ इसी सिद्धांत का पालन करता है।

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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