महाकाल शिव नाथ भोले भंडारी है,
अमर नाथ शिव सब के पालन हारी है।
त्रिनेत्र शिव जोगी शिव विशरारी है,
अमर नाथ शिव सब के पालन हारी है।

नील कंठ महादेव का डम डम डमरू वाजे,
भस्म रमावे जटा गंग साजे करते भेड़े पार बड़े उपकारी है
अमर नाथ शिव सब के पालन हारी है।

वन में समाधि करे महाकाल के मलंग जी,
बाबा बर्फानी सदा रहे अंग संग जी।
भुत प्रेत सब जिनके आज्ञा कारी है,
अमर नाथ शिव सब के पालन हारी है।

पूजा करे संसार महादेव ॐ नाथ की,
मणि महेश मेरे बाबा सोम नाथ की।
इनयात शिव तिरलोकी शिव त्रिपुरारी है,
अमर नाथ शिव सब के पालन हारी है।

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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