चलो रे शिव जी के धाम सब को मिलेगा आराम
बन जायेगे वाहा सब के बिगड़े काम
चलो रे शिव जी के धाम सब को मिलेगा आराम

बाबा मेरे भोले भंडारी
डमरू मधुर बजाए अंतर यामी सब के मन की जाने बिना बिताए,
बिन मांगे ही पायेगा तू मन चाहा वर दान हो

बैठे है अव धुत लगाये उचे पर्वत डेरा
गोरा माता संग विराजे देते नंदी पेहरा,
कोटी जन्म के पाप क्षमा कर देंगे किरपा निधान
चलो रे शिव जी के धाम सब को मिलेगा आराम

शिव भोले को जाने तेरा कौन सा गुण भा जाए कट जाए
संकट की घड़ियाँ मोक्ष द्वार खुल जाए
कर दे रे यह जीवन अपना तू उनके ही नाम हो
चलो रे शिव जी के धाम सब को मिलेगा आराम

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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