अम्बा नवमणिमाला स्तोत्र || Amba Navamani Mala Stotram || Arya Navakam
वाणीं जितशुकवाणीं अलिकुलवेणीं भवाम्बुधिद्रोणीम्।

वीणाशुकशिशुपाणीं नतगीर्वाणीं नमामि शर्वाणीम् ॥१॥

कुवलयदलनीलाङ्गीं कुवलयरक्षैकदीक्षितापाङ्गीं।

लोचनविजितकुरङ्गीं मातङ्गीं नौमि शङ्करार्धाङ्गीम् ॥२॥

कमला कमलजकान्ता कर-सारस-दत्त-कान्त-करकमलाम्

करयुगलविधृतकमलां विमलां कमलाङ्कचूड-सकल-कलाम् ॥३॥

सुन्दर-हिमकर-वदनां कुन्दसुरदनां मुकुन्द-निधि-सदनाम्।

करुणोज्जीवितमदनां सुरकुशलायाऽसुरेषु-कृत-कदनाम् ॥४॥

अरुणाधरजितबिम्बां जगदम्बां गमनविजित-कादम्बाम्।

पालितसुजनकदंबां पृथुलनितम्बां भजे सहेरम्बाम् ॥५॥

शरणागत-जन-भरणां करुणावरुणालयां नवावरणाम्।

मणिमयदिव्याभरणां चरणाम्भोजात-सेवकोद्धरणाम् ॥ ६॥

तुङ्गस्तनजितकुम्भां कृत-परिरंभां-शिवेन गुह-डिम्भाम्।

दारित-शुंभ-निशुंभाम् नर्तित-रंभां पुरो विगतदम्भाम् ॥७॥

नतजन-रक्षा-दीक्षां प्रत्यक्ष-दैवताध्यक्षाम्।

वाहीकृत-हर्यक्षां क्षपित-विपक्षां सुरेषु-कृत-रक्षाम् ॥८॥

धन्यां सुरवरमान्यां हिमिगिरि-कन्यां त्रिलोक-मूर्द्धन्याम्।

विहृत-सुरद्रुम-वन्यां वेद्मि विना त्वां न देवतास्वन्याम् ॥९॥

एतां नवमणिमालां पठन्ति भक्त्येह ये पराशक्त्याः।

तेषां वदने सदने नृत्यति वाणी रमा च परममुदा ॥१०॥

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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