बम बम भोले शिव शिव शिव भोले बम बम लेहरी रे
अगड बम लेहरी रे

भोले तू कैलाश के वासी
योगनी पिशाशनी तुम री दासी
बम बम लेहरी रे अगड बम लेहरी रे

तन पे बस्मी भुत रमाये
काले नाग गले लिपटाए
बम बम लेहरी रे अगड बम लेहरी रे

कानो में बिछु के कुंडल
हाथ त्रिशूल और दूजे कमंडल
बम बम लेहरी रे अगड बम लेहरी रे

शंकर तुम को जल है चडाते
वेळ धतुरा भोग है लगाते
बम बम लेहरी रे अगड बम लेहरी रे

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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