काँधे पे कावड उठाली

भोले जी तेरी बम भोले
भोला नाचे भजावे ताली भोले जी तेरी बम बम भोले

अंग भभूती रमावे भोला मस्ती में जब आवे भोला,
श्मशानो के स्वामी भोला ओध्ननाथ कहावे भोला
तेरे संग विराजे माँ काली
भोले रे तेरी बम भोले

जब जब यु सवान है आता कावडीयो का रेला जाता
नील कंठ की कठिन चड़ाई बम बम की जय कार लगाई
कावड की है बात निराली
भोले रे तेरी बम भोले

नाम तेरे का पी कर प्याला मन मन्दिर हो जाये शिवाला
कवाड़ीयो का बेश निराला छम छम नाचे डमरू वाला
नागर ने कावड उठा ली
भोले रे तेरी बम भोले

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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