यं वैदिका मन्त्रद्रश : पुराणा
इन्द्रं यमं मातरिश्वानमाहु : I
वेदान्तिनोड़निर्वचनियमेकम्
यं ब्रह्मशब्देन विनिर्दिशन्ति II

शैवा यमिशं शिव इत्यवोचन्
यं वैष्णवा विष्णुरिति स्तुवन्ति i
बुद्ध्स्तथाड़र्हन्निति बौदध्जैना :
सत् श्री अकालेति च सिक्खसन्त : II

शास्तेति केचित् प्रकृति: कुमार :
स्वामीति मातेति पितेति भक्त्या I
यं प्रार्थयन्ते जगदीशितारं
स एक एव प्रभुरद्वितीय : II

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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