Hindu Bhoomi Gaan Se Goonja Rahe Gaga | हिंन्दु भूमि गान से गूंजता रहे गगन | RSS Geet

मातृभूमि गान से गूँजता रहें गगन
स्नेह नीर से सदा फूलते रहें सुमन || धृ ||

जन्मसिद्ध भावना स्वधर्म का विचार हो,
रोम-रोम में रमा स्वधर्म संस्कार हो |
आरती उतारते प्राणदीप हो मगन,
स्नेह नीर से सदा फूलते रहे सुमन ||१||

हार के सुसूत्र में मोतियों की पंक्तियाँ,
ग्राम नगर प्रान्त से संग्रहित शक्तियाँ |
लक्ष्य-लक्ष्य रूप से राष्ट्र हो विराटतन
स्नेह नीर से सदा फूलते रहे सुमन ||२||

ऐक्य शक्ति देश की प्रगति मे समर्थ हो,
धर्म आसरा लिये मोक्ष काम अर्थ हो |
पुण्यभूमि आज फिर ज्ञान का बने सदन
स्नेह नीर से सदा फूलते रहे सुमन ||३||

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