होता न कण्ट्रोल अब तो जिया अरी ला गोरा,

ला थोड़ी भंगिया पिला
शम्भु इसके सिवा कोई काम नही
तूना अब न छोड़ा गोरा नाम नही
पल भर लेने देते आराम नही
कण्ट्रोल करले तू अपना जिया
पीने न दूंगी रे भंगिया पिया
होता न कण्ट्रोल अब तो जिया अरी ला गोरा,
ला थोड़ी भंगिया पिला
गोरा उन पे लज किया कर भोले से न जंग किया कर
चाहू तो भोले अब शर्त लगा लो होगा वही जो मैंने कहा
काहे करे रानी इतना गिला ला गोरा ला गोरा थोड़ी भंगिया पिला
भोले को जब तू गुस्सा दिखाती भंगियाँ के पीछे पड़ जाती
भंगिया है भोले थारी दुश्मन हमारी
इस ने किया मुझे तंग भोला
आरे स्वान में न यु नखरा दिखा ला गोरा थोड़ी भंगिया पिला
होठो लगा के यो तू भंगिया पी ला दे
मेला तुझे दिखा के लाऊ
अब न यु भोले तेरी बाता में आऊ चली रे चली भोले पीहर चली
करने को तंग तुझे मैं ही मिला ला गोरा थोड़ी भंगिया पिला
रंग वंशी लखा का गाना चला
ला गोरा थोड़ी भंगिया पिला

मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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