इक्कठे हो गये भगत ने सारे भजे ढोल की शंख नगाड़े,
नच्दे भगत भोले दे प्यारे लाउंदे ओह जयकारे,
जदो निकली कैलाशो गज भज के बरात मेरे भोले दी,

हसदियाँ नाले ताने देवन गोरा नु ओह्दी सखियाँ,
भुत प्रेता वाल नाल सोच तू लाइयाँ अखियां,
करदियां टिचरा वेख के ओह पुछाक मेरे भोले दी,
जदो निकली कैलाशो गज भज के बरात मेरे भोले दी,

ना घोडा न हाथी आया बेल दी करके सवारी,
मल के बसम भोले ने देह अपनी असवारी,
गल लटके नागा दी माला,
डमरू हथ मेरे भोले दे,
जदो निकली कैलाशो गज भज के बरात मेरे भोले दी,

कोई ढोलक ते कोई छैना ते कोई शंख बजावे,
लिखे सुभाश ते भजन मेहता गा गा भंगड़े भावे,
जो कोले दी माँ दे सब सौगात मेरे भोले दी

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मैं एक पत्नी होने के साथ साथ गृहिणी एवं माँ भी हुँ । लिखने का हुनर... ब्लॉग लिखती रहती हु... सनातन ग्रुप एक सकारात्मक ऊर्जा, आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देती जीवनी, राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविताओं की माला पिरोया है । आग्रह :आपको पसन्द आये तो ऊर्जा देने के लिए शेयर एवं अपने सुझाव दीजिए ।

शालू सिंह

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