SRIMADBHAGWAT GEETA MEANING IN HINDI

बुद्धिमान की बुद्धि और तपस्वी का तेज ‘मैं’

बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि पार्थ सनातनम् | बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम्||7/10 हे अर्जुन! सब प्राणियों का सनातन बीज मुझे जानो। मैं बुद्धिमानों...

भगवान ने ऐसे लोगों को बुद्धिहीन माना है

अव्यक्तं व्यक्तिमापन्नं मन्यन्ते मामबुद्धय: | परं भावमजानन्तो ममाव्ययमनुत्तमम् || गीता 7/24|| अर्थ : बुद्धिहीन लोग मेरे अविनाशी और सर्वश्रेष्ठ परम...

इसलिए भगवान नजर नहीं आते

नाहं प्रकाश: सर्वस्य योगमायासमावृत:। मूढोऽयं नाभिजानाति लोको मामजमव्ययम्।। अपनी योगमाया से ढंका हुआ मैं सबको महसूस नहीं होता। इसलिए यह...

गीता ज्ञानः यही चीज जन्म-मरण का कारण बन जाती है

इच्छाद्वेषसमुत्थेन द्वन्द्वमोहेन भारत। सर्वभूतानि सम्मोहं सर्गे यान्ति परन्तप।। गीता 7/27।। अर्थ : हे भरतवंशी अर्जुन! इच्छा और द्वेष से उत्पन्न...

तो आप लाभ हानि के चक्कर से मुक्त हो जाएंगे

येषां त्वन्तगतं पापं जनानां पुण्यकर्मणाम्। ते द्वन्द्वमोहनिर्मुक्ता भजन्ते मां दृढव्रता:।। गीता 7/28।। अर्थ : परंतु, पुण्य कर्म करने वाले जिन...

धन के लिए नहीं मुक्ति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए

जरामरणमोक्षाय मामाश्रित्य यतन्ति ये। ते ब्रह्म तद्विदु: कृत्स्नमध्यात्मं कर्म चाखिलम्।। गीता 7/29।। अर्थ : जो मेरी शरण होकर जरा-मृत्यु से...